राजस्थान में सोलर एनर्जी को लेकर एक बड़ा बदलाव साफ नजर आने लगा है। राज्य सरकार और केंद्र सरकार की साझा पहल से अब शहरों से लेकर गांवों तक घरों की छतों पर Solar Power Plants तेजी से लगाए जा रहे हैं। Revamped Distribution Sector Scheme (RDSS) के तहत चल रहे इन प्रयासों का सीधा असर बिजली व्यवस्था की गुणवत्ता और नुकसान में कमी के रूप में सामने आ रहा है। हाल के आंकड़े बताते हैं कि राज्य में बिजली वितरण से जुड़ा तकनीकी और वाणिज्यिक नुकसान लगातार घट रहा है, जो एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।

RDSS से बदली बिजली व्यवस्था की तस्वीर
Revamped Distribution Sector Scheme का मुख्य उद्देश्य बिजली वितरण प्रणाली को आधुनिक बनाना और उसे आर्थिक रूप से मजबूत करना है। इस योजना के तहत Rajasthan में Rooftop Solar Power Plants की स्थापना को तेज़ किया गया है, ताकि उपभोक्ता अपनी जरूरत की बिजली खुद पैदा कर सकें और ग्रिड पर दबाव कम हो। इसके साथ ही ट्रांसफॉर्मरों पर मीटर लगाने का काम भी बड़े पैमाने पर किया जा रहा है, जिससे बिजली चोरी और लाइन लॉस पर लगाम लग सके। Rural Electrification Corporation (REC) ने हाल ही में राज्य में चल रहे कार्यों की समीक्षा की और साफ निर्देश दिए कि फील्ड में काम करने वाली टीमों की संख्या बढ़ाई जाए, ताकि मीटरिंग और सोलर इंस्टॉलेशन की रफ्तार और तेज हो सके।
REC के चेयरपर्सन जितेंद्र श्रीवास्तव ने यह भी कहा कि जो Infrastructure Service Providers तय लक्ष्यों को पूरा नहीं कर पा रहे हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। इस समीक्षा बैठक में राज्य की तीनों discoms के चेयरपर्सन और फील्ड लेवल अधिकारी मौजूद रहे, जहां project management, contract execution और monitoring system जैसे अहम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई।
सोलर प्लांट और मीटरिंग से घटा बिजली नुकसान
RDSS के लागू होने से पहले राजस्थान में Aggregate Technical and Commercial (AT&C) Losses 2021-22 में 17.49 प्रतिशत थे, जो अब 2024-25 में घटकर 14.26 प्रतिशत रह गए हैं। यह गिरावट दिखाती है कि सोलर प्लांट्स और स्मार्ट मीटरिंग जैसे कदम कितने प्रभावी साबित हो रहे हैं। Rooftop Solar से जहां उपभोक्ताओं का बिजली बिल कम हो रहा है, वहीं discoms को भी समय पर revenue मिलने लगा है। PM Surya Ghar Muft Bijli Yojana के तहत राज्य में अब तक 2.36 लाख उपभोक्ताओं से आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 1.15 लाख घरों में Solar Modules इंस्टॉल भी किए जा चुके हैं।
केंद्र सरकार ने राजस्थान के 1.04 लाख उपभोक्ताओं के लिए अनुदान राशि पहले ही जारी कर दी है, जिससे लोगों का भरोसा इस योजना पर और मजबूत हुआ है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में Rooftop Solar न सिर्फ बिजली संकट को कम करेगा, बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी अहम भूमिका निभाएगा।
मुफ्त बिजली योजना और ग्रामीण इलाकों में जागरूकता
राज्य की discoms अब ग्रामीण इलाकों में RDSS और PM Surya Ghar Yojana को लेकर जागरूकता अभियान तेज करने की तैयारी में हैं। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे गांवों में जाकर लोगों को सोलर प्लांट्स और योजना के फायदों के बारे में जानकारी दें। discoms की चेयरपर्सन आरती डोगरा ने कहा कि 150 यूनिट मुफ्त बिजली वाली राज्य सरकार की योजना उपभोक्ताओं के बीच काफी लोकप्रिय होने की उम्मीद है। जयपुर, जोधपुर और अजमेर की discoms द्वारा करीब ₹17,000 करोड़ की सब्सिडी वितरित किए जाने के बाद इसका असर और साफ दिखाई देगा।
कुल मिलाकर राजस्थान में सोलर एनर्जी की यह तेज़ रफ्तार न सिर्फ बिजली व्यवस्था को मजबूत बना रही है, बल्कि आम लोगों की जेब और पर्यावरण दोनों को राहत देने का काम कर रही है। आने वाले वर्षों में राज्य का यह मॉडल देश के अन्य राज्यों के लिए भी एक उदाहरण बन सकता है।
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