स्वच्छ ऊर्जा की दौड़ में सोलर टेक्नोलॉजी लगातार नए रिकॉर्ड बना रही है और अब इस दिशा में एक बड़ा वैज्ञानिक ब्रेकथ्रू सामने आया है। स्विट्ज़रलैंड के प्रतिष्ठित संस्थान EPFL (École Polytechnique Fédérale de Lausanne) के वैज्ञानिकों ने Perovskite Solar Cell की क्षमता को एक नए स्तर पर पहुंचा दिया है। सिर्फ एक छोटे से Rubidium (Rb⁺) आयन की मदद से इन सोलर सेल्स की Efficiency 25.77% तक पहुंच गई है, जो अब तक की सबसे बेहतरीन उपलब्धियों में से एक मानी जा रही है। यह खोज न सिर्फ सोलर इंडस्ट्री के लिए बल्कि भविष्य की ऊर्जा जरूरतों के लिए भी बेहद अहम मानी जा रही है।

Rubidium आयन ने कैसे बदली Perovskite Solar Cell की गेम
EPFL के प्रोफेसर माइकल ग्रैटज़ेल के नेतृत्व में हुई इस रिसर्च में वैज्ञानिकों ने Perovskite फिल्म की सूक्ष्म संरचना पर काम किया। आम तौर पर Perovskite Solar Cell में अलग-अलग छोटे क्रिस्टल ग्रेन होते हैं, जिनकी सीमाओं पर चार्ज के बहाव में रुकावट आती है। वैज्ञानिकों ने पाया कि अगर Rubidium आयन को इन grain domain boundaries पर सटीक तरीके से डाला जाए, तो ये आयन अलग-अलग ग्रेन्स के बीच एक तरह का “ब्रिज” बना देते हैं। इससे इलेक्ट्रॉन्स और होल्स का ट्रांसपोर्ट आसान हो जाता है और पावर लॉस कम होता है।
इस तकनीक में Crown Ether नामक एक विशेष केमिकल का इस्तेमाल किया गया जो Rubidium आयन को धीरे-धीरे और सही जगह पर रिलीज करता है। इससे Perovskite फिल्म में डिफेक्ट्स कम हुए, carrier lifetime बढ़ी और diffusion length में बड़ा सुधार देखने को मिला। नतीजा यह रहा कि लैब में तैयार किए गए सोलर सेल्स ने 25.77% की प्रमाणित Efficiency हासिल की जिसे चीन के आधिकारिक मेट्रोलॉजी संस्थानों ने भी सत्यापित किया।
Efficiency के साथ Stability में भी ऐतिहासिक सुधार
सोलर सेल्स के मामले में सिर्फ ज्यादा Efficiency ही नहीं, बल्कि लंबे समय तक स्थिर प्रदर्शन भी उतना ही जरूरी होता है। इस नई तकनीक की सबसे खास बात यह है कि Rubidium आयन न सिर्फ पावर बढ़ाता है, बल्कि सेल्स की Stability को भी जबरदस्त तरीके से सुधारता है। रिसर्च के दौरान यह पाया गया कि लगातार 1,300 घंटे तक एक-सन इल्यूमिनेशन में रखने के बाद भी सोलर सेल अपनी शुरुआती Efficiency का 99.2% तक बनाए रखने में सफल रहा।
यह Stability टेस्ट अंतरराष्ट्रीय ISOS-L-1 प्रोटोकॉल के तहत किया गया, जिसे Perovskite Solar Cell के लिए एक सख्त मानक माना जाता है। वैज्ञानिकों का मानना है कि Rubidium आधारित 1D फेज डिफेक्ट्स को पासिवेट करता है और चार्ज लीकेज को रोकता है, जिससे लंबे समय तक परफॉर्मेंस स्थिर बनी रहती है। यही वजह है कि इस खोज को Perovskite टेक्नोलॉजी के व्यावसायिक भविष्य की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
भविष्य की सोलर टेक्नोलॉजी के लिए क्यों है यह खोज अहम
EPFL की टीम ने Rubidium आयन पर इससे पहले भी काम किया था, खासतौर पर Wide Bandgap Perovskite Solar Cell के लिए। उस रिसर्च में यह दिखाया गया था कि सही lattice strain और halide composition के साथ Rubidium आयन को Perovskite lattice में स्थायी रूप से शामिल किया जा सकता है। इससे voltage loss कम हुआ और सोलर सेल की ओपन सर्किट वोल्टेज रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गई।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह तकनीक आने वाले समय में Tandem Solar Cells के लिए बेहद उपयोगी साबित हो सकती है, जहां सिलिकॉन और Perovskite को मिलाकर 30% से भी ज्यादा Efficiency का लक्ष्य रखा जा रहा है। साथ ही, अगर यह तकनीक बड़े पैमाने पर सस्ती और भरोसेमंद साबित होती है, तो Rooftop Solar से लेकर Utility Scale Solar Projects तक इसका सीधा फायदा मिल सकता है।
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