दुनिया की सबसे बड़ी बैटरी निर्माता कंपनी CATL ने एक बार फिर ग्लोबल एनर्जी इंडस्ट्री का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। जब पूरी दुनिया लिथियम आधारित बैटरियों पर निर्भर होती जा रही थी, तभी CATL की Sodium-Ion बैटरी ने ऐसा रिकॉर्ड तोड़ा है, जिसने सोलर और इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) मार्केट में बड़े बदलाव के संकेत दे दिए हैं। बढ़ती लिथियम कीमतों, सप्लाई चेन की चुनौतियों और नई टेक्नोलॉजी की मांग के बीच यह कदम आने वाले वर्षों में एनर्जी स्टोरेज का पूरा समीकरण बदल सकता है।

Lithium महंगा होते ही Sodium-Ion की वापसी
पिछले कुछ वर्षों में लिथियम-आयन बैटरियों का दबदबा इसलिए रहा क्योंकि लिथियम की कीमतें 2022 के बाद तेजी से गिरी थीं। इसी कारण Sodium-Ion बैटरियों को लंबे समय तक नजरअंदाज किया गया। लेकिन अब हालात बदल रहे हैं। लिथियम खनन पर बढ़ते नियम, पर्यावरणीय चिंताएं और सप्लाई सीमित होने के कारण लिथियम कार्बोनेट की कीमतें फिर से चढ़ने लगी हैं।
ऐसे में CATL ने अपनी Sodium-Ion बैटरी सीरीज “Naxtra” को तेजी से आगे बढ़ाने का फैसला किया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कंपनी 2026 से इसकी मास डिलीवरी शुरू करने की तैयारी में है। लागत के मामले में Sodium-Ion सेल्स अब कई LFP बैटरियों से सस्ती पड़ रही हैं, जिससे यह टेक्नोलॉजी फिर से चर्चा में आ गई है।
Energy Density का रिकॉर्ड और Cold Weather में दमदार परफॉर्मेंस
Sodium-Ion बैटरियों की सबसे बड़ी कमजोरी हमेशा से कम एनर्जी डेंसिटी मानी जाती रही है, लेकिन CATL ने इस मोर्चे पर बड़ा दावा किया है। कंपनी के अनुसार, Naxtra Sodium-Ion सेल्स की एनर्जी डेंसिटी करीब 175 Wh/kg तक पहुंच गई है, जो अब तक का रिकॉर्ड है। यह आंकड़ा आज इस्तेमाल हो रही कई LFP बैटरियों के काफी करीब है।
हालांकि नई LFP बैटरियां 200 Wh/kg से ऊपर जा रही हैं, फिर भी Sodium-Ion टेक्नोलॉजी में लगातार हो रहे सुधार आने वाले समय में यह अंतर और कम कर सकते हैं। इसके साथ ही ठंडे मौसम में परफॉर्मेंस इस बैटरी की बड़ी ताकत बनकर उभरी है। CATL का दावा है कि यह बैटरियां -40°C से लेकर 70°C तक भरोसेमंद तरीके से काम कर सकती हैं और सर्दियों में भी EV को 300 मील से ज्यादा की रेंज देने में सक्षम हैं।
EV, सोलर और ग्रिड स्टोरेज में क्या होगा असर
CATL की Naxtra बैटरियां चीन के नए सेफ्टी और परफॉर्मेंस स्टैंडर्ड्स को पास करने वाली पहली कमर्शियल Sodium-Ion बैटरियां बताई जा रही हैं। इनका इस्तेमाल इलेक्ट्रिक कारों, कमर्शियल फ्लीट, बैटरी-स्वैप स्टेशन और ग्रिड लेवल एनर्जी स्टोरेज तक किया जा सकता है। सोलर सेक्टर के लिए यह बड़ी खबर है, क्योंकि कम लागत और बेहतर सेफ्टी वाली बैटरियां रिन्यूएबल एनर्जी को और किफायती बना सकती हैं।
खास बात यह है कि Sodium-Ion टेक्नोलॉजी अब कंज्यूमर लेवल तक भी पहुंच रही है, जहां इससे बने स्टार्टिंग बैटरियां ऑनलाइन उपलब्ध होने लगी हैं। CATL का साफ कहना है कि यह बैटरियां लिथियम का पूरी तरह विकल्प नहीं, बल्कि एक मजबूत पूरक होंगी। लेकिन बदलते बाजार हालात में यह पूरक ही भविष्य में गेमचेंजर साबित हो सकता है, जो सोलर और EV मार्केट में बड़ा उलटफेर ला दे।
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